बैठक बाग़
लालटेनों के नीचे बाग़ की बैठक: फूलों के झूमर झूलते हैं और गुलाबी पंखुड़ियाँ गिरती हैं।
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विवाह
तिलक, बारात और शुभ विवाह, हिन्दी और अंग्रेज़ी में। सिर्फ़ इसी तरह की शादी के लिए बने डिज़ाइन। कार्ड अपनी भाषा में लिखा जाता है, और साथ में अंग्रेज़ी भी जोड़ सकते हैं।
43 डिज़ाइन
लालटेनों के नीचे बाग़ की बैठक: फूलों के झूमर झूलते हैं और गुलाबी पंखुड़ियाँ गिरती हैं।
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लाल गेरू पर चावल के घोल से बना कुमाऊँनी ऐपण, कमल और पहाड़ी चीड़। आप दोनों की तस्वीरों के लिए दो फ़्रेम।
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सूर्योदय में गंगा के घाट, फूलों से घिरी पीतल की थाली के साथ।
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मोगरे और गुलाब की गोल माला जो धीरे घूमती है, और उसके चारों ओर उड़ती तितली।
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मुग़ल मेहराब से दिखता महल का बाग़, फ़व्वारे और लालटेनें।
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झारखंड की मिट्टी की दीवार पर मोर, बैल और गाय, फूलों वाले पेड़ के नीचे। आप दोनों की तस्वीरों के लिए दो फ़्रेम।
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गुलाब और मोगरे की लड़ियों का पर्दा, पीतल की घंटियों के साथ झूलता और पंखुड़ियाँ गिराता।
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चिनार के पत्तों, गुलाब, आइरिस और बुलबुल से सजा कश्मीरी पेपर-माशे। आप दोनों की तस्वीरों के लिए दो फ़्रेम।
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दोनों कोनों से कचनार के गुलाबी फूल, उनके बीच फुदकती शकरखोरा चिड़िया।
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गंगा पर गेंदे की मालाएँ और शाम को तैरते दीये।
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गेंदे के मंडल पर खुलते सुनहरे द्वार, आकाश दीप और राग यमन।
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कश्मीर की केसर क्यारी: घूमकर गिरते चिनार के पत्ते और झील पर तैरती धुंध।
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गुलाबी रेशम पर कुंदन लटकन, मोतियों का हार, झुमके और चूड़ियाँ। आप दोनों की तस्वीरों के लिए दो फ़्रेम।
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भोर में बनारस के घाट, गणेश जी के दर्शन से शुरू, गंगा पर दीये।
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देवदार की पहाड़ियों में साँझ: घाटी में तैरते बादल और चक्कर लगाता बाज़।
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वृंदावन के कदंब कुंज के ऊपर राधा-कृष्ण, यमुना किनारे कदंब के फूल और मोर।
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क़िले पर आतिशबाज़ी: आसमान में खिलती रोशनी और झिलमिलाती झील।
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शाम की महल वाली गली, बैंड बाजा और सजी हुई सफ़ेद घोड़ी।
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राजसी बाग़ के ऊपर सीता-राम, लाल गुलाब और मोगरे की जयमाला वाले फ़्रेम।
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शाम को झील का महल: पानी लहराता है, बेलें झूलती हैं और गुलाब की पंखुड़ियाँ गिरती हैं।
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खिले गुलमोहर की सड़क, जिस पर लाल फूल लगातार झरते हैं।
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सुबह के हिमालयी बुग्याल में ब्रह्मकमल के ऊपर शिव-पार्वती।
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पतझड़ का कश्मीर: डल झील, शिकारे, चिनार के पत्ते और अखरोट की नक़्क़ाशीदार लकड़ी।
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गोधूलि में घाटों के पास नदी पर बहते पत्तों के दीये।
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सुबह का गुलाबी कमल सरोवर, ठहरे पानी पर कमल के फ़्रेम।
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हवेली के आँगन में लाल-सफ़ेद चूड़ा, कलीरे और गेंदे।
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पक्षियों से भरा गोंड जीवन-वृक्ष, नीचे हिरण और मोर के साथ जोड़ा। तस्वीरों की ज़रूरत नहीं।
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नीले आसमान के नीचे खिले लाल गुलमोहर की राह।
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पहाड़ी लघुचित्र: पहली बारिश में एक छाते के नीचे जोड़ा। तस्वीरों की ज़रूरत नहीं।
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सफ़ेद काग़ज़ पर जलरंग के गुलाब और पियोनी।
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सुनहरी शाम में विशाल बरगद, डालियों से झूले जैसे लटकते फ़्रेम।
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लखनऊ की चिकनकारी, सफ़ेद पर सफ़ेद, कढ़ाई वाले सरू के पेड़ों के बीच जोड़ा। तस्वीरों की ज़रूरत नहीं।
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पतझड़ की डल झील, चिनार के पत्तों के बीच नक़्क़ाशीदार अखरोट का पट।
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नक्काशीदार डंडों पर चर्मपत्र, सिंदूरी मुहर और राग देस।
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हाथी के बच्चे और छोटे घोड़े के साथ प्यारी कार्टून दुल्हन और दूल्हा। तस्वीरों की ज़रूरत नहीं।
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मुग़ल मेहराब से दिखता महल का बाग़, फ़व्वारे और लालटेनें।
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हल्के गुलाबी जलरंग में मोर और कमल के साथ चित्रित जोड़ा। तस्वीरों की ज़रूरत नहीं।
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बर्फ़ीले पहाड़ों के नीचे कश्मीर का वसंती ट्यूलिप बाग़।
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नया और शांत अंदाज़: हाथीदांत रंग के मेहराब, पम्पास घास और समुद्र किनारे की धूप।
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मिथिला की मधुबनी कला: सूरज, बांस, मछलियाँ और वरमाला लिए जोड़ा। तस्वीरों की ज़रूरत नहीं।
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लंबे हौज़ और फ़व्वारों वाला मुग़ल बाग़, जड़ाऊ संगमरमर की तख़्ती के साथ।
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वसंत की धुंध में लाल-गुलाबी बुरांश से भरी हिमालयी ढलान।
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गाँव से गुज़रती डोली और सफ़ेद घोड़े पर दूल्हा, लोक कला में। तस्वीरों की ज़रूरत नहीं।
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मेहमान द्वार खोलते हैं, कार्ड घुमाते हैं और उसका राग सुनते हैं, किसी भी फ़ोन पर।
सबके लिए एक लिंक, डिज़ाइन के रंगों वाले प्रीव्यू के साथ।
मेहमान बिना साइन इन किए हर रस्म का जवाब देते हैं; आपको हर जवाब दिखता है।